दमोह (मध्य प्रदेश): एक शादी समारोह में शामिल होने गए तीन दोस्तों की जिंदगी अंधेरे में एक गलत रास्ते ने लील ली। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जब उनकी बाइक एक टूटे हुए पुल से नीचे 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
यह हृदयविदारक घटना तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के समनापुर गांव के पास की है। मृतकों की पहचान सागर जिले के छिरारी गांव निवासी अजय घोषी (21), अमित कुर्मी (21) और पवन कुर्मी (22) के रूप में हुई है।
शॉर्टकट बना मौत का रास्ता
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पांच दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर सागर जिले से दमोह के तेंदूखेड़ा के समनापुर गांव में एक शादी में शामिल होने के लिए निकले थे। रात करीब 11 बजे वे रास्ता भटक गए और शॉर्टकट निकालने के चक्कर में एक जर्जर पुल की ओर मुड़ गए। ब्यारमा नदी पर बना यह पुल पिछले साल जुलाई में आई बाढ़ में टूट चुका था। उसके बाद से इस पर से आवागमन बंद था।
हादसे के समय घना अंधेरा था और पुल के टूटे होने का कोई संकेत नहीं था। न तो वहां कोई बैरिकेड लगा था और न ही चेतावनी बोर्ड। यहां तक कि पुल की रेलिंग भी गायब थी। इस वजह से तीनों दोस्तों को आगे का रास्ता न होने का अंदाजा नहीं लगा और उनकी बाइक सीधे पुल के टूटे हिस्से से नीचे खाई में जा गिरी।
दूसरी बाइक पर सवार साथियों की जान बची
हादसे में अजय, अमित और पवन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, उनके पीछे आ रही दूसरी बाइक पर सवार भागीरथ कुर्मी और सुमित कुर्मी की जान इसलिए बच गई क्योंकि वे कुछ दूरी पर थे। उन्होंने तुरंत हादसे की सूचना ग्रामीणों और पुलिस को दी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों युवकों को खाई से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
इस हादसे से इलाके में शोक की लहर है। मृतक पवन कुर्मी के चाचा सुरेश पटेल ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ में पुल टूटने के बाद से ही वहां कोई रेलिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों को इस रास्ते से बचने के लिए करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन बाहर से आने वाले लोग इस अनजान रास्ते पर निकल पड़ते हैं। ग्रामीण इलाकों में खतरनाक स्थलों पर चेतावनी के पर्याप्त इंतजाम ना होना प्रशासन की अनदेखी को उजागर करती हैं।
दमोह में दर्दनाक हादसा: तीन दोस्तों की मौत
